आंदोलन से जुड़ी दिव्या अहरवार ने जारी वीडियो संदेश में कहा कि आंदोलन का आज 17वां दिन और अमित भटनागर के आमरण अनशन का 14वां दिन था। उनके अनुसार आंदोलनकारी केन-बेतवा लिंक परियोजना में कथित भ्रष्टाचार और कानून के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई तथा संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे थे।
दिव्या अहरवार ने आरोप लगाया कि अमित भटनागर मीडिया के सामने परियोजना में 400 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज और जानकारी साझा करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई कर दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा साजिश रची गई है।
वीडियो संदेश में आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि हिरासत में अमित भटनागर या किसी अन्य आंदोलनकारी को किसी प्रकार की हानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई और लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।