जानकारी के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया में कथित रूप से पैसों के लेन-देन से जुड़ी बातचीत का एक समाचार एवं वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर मृणाल मीणा ने मामले का संज्ञान लेते हुए संभागायुक्त को प्रतिवेदन भेजा। कलेक्टर के प्रतिवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सागर संभाग के आयुक्त अनिल सुचारी ने मात्र दो घंटे के भीतर निलंबन आदेश जारी कर दिया।
निलंबन आदेश में उल्लेख है कि उपलब्ध समाचार एवं वीडियो के आधार पर प्रथम दृष्टया नियुक्ति प्रक्रिया में पैसों के लेन-देन की बातचीत सामने आई है, जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन प्रतीत होता है। इसी आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत दिनेश कुमार दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, सागर संभाग, सागर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। मामले में विभागीय स्तर पर आगे की नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्य बिंदु:
कलेक्टर मृणाल मीणा ने पदभार ग्रहण करते ही भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश दिया।
रिश्वत मांगने के आरोप में जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार दीक्षित निलंबित।
कलेक्टर के प्रतिवेदन पर संभागायुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किया।
नियुक्ति प्रक्रिया में कथित पैसों के लेन-देन के वीडियो के आधार पर हुई कार्रवाई।
विभागीय जांच एवं आगे की कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी