महाराज श्री ने कहा कि "राम से बड़ा राम का नाम है।" उन्होंने बताया कि राम नाम के स्मरण मात्र से दैहिक, दैविक एवं भौतिक तीनों प्रकार के तापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख, शांति और कल्याण की प्राप्ति होती है।
कथा के दौरान उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार रत्नाकर डाकू ने राम नाम के प्रभाव से अपना जीवन परिवर्तित किया और आगे चलकर महर्षि वाल्मीकि के रूप में पूजनीय बने। उन्होंने कहा कि राम नाम की महिमा इतनी महान है कि उसके प्रभाव से साधारण व्यक्ति भी आध्यात्मिक ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।
आयोजकों ने बताया कि 9 अगस्त तक चलने वाली इस दिव्य श्रीराम कथा के साथ-साथ श्रीराम महायज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें नगर एवं आसपास के श्रद्धालुओं को सम्मिलित होने का अवसर मिलेगा।
कथा के प्रथम दिवस मुख्य यजमान श्रीमती रामादेवी शुक्ला, निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री राकेश दास महाराज, समाजसेवी श्री अंबिका शर्मा तथा भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री पंकज पहारिया का महाराज श्री द्वारा सम्मान किया गया। सभी अतिथियों ने जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करने और धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की।