छतरपुर। सटई थाना पुलिस ने अमरोनिया जंगल में हुई मनीराम रैकवार हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश मृतक की पत्नी शिवानी रैकवार, उसके साथी अखलेश पटेल और सहयोगी भरत यादव ने मिलकर रची थी।
पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई को थाना सटई क्षेत्र से सिगरामपुरा निवासी मनीराम रैकवार पिता प्रेमलाल रैकवार के गुम होने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की और क्षेत्र के जंगलों में सर्च अभियान चलाया। इसी दौरान अमरोनिया जंगल स्थित बगाई नाला में एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान लापता मनीराम रैकवार के रूप में हुई।
घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर सटई थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक छतरपुर रजत सकलेचा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विवेचना के दौरान पुलिस को मिले भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि मृतक की पत्नी के साथी अखलेश पटेल और भरत यादव ने योजनाबद्ध तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। जांच में मृतक की पत्नी शिवानी रैकवार की भी हत्या में संलिप्तता सामने आई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में—
शिवानी रैकवार पत्नी मनीराम रैकवार, निवासी सिगरामपुरा
अखलेश पटेल पिता भगवानदास पटेल, निवासी पल्कोहा थाना किशनगढ़, जिला छतरपुर
भरत यादव पिता नंदू यादव, निवासी पल्कोहा थाना किशनगढ़, जिला छतरपुर
शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, तौलिया, पेचकस, मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री बरामद की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले, एसडीओपी बिजावर अजय रिठौरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सटई निरीक्षक सुनीता बिदुआ सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पत्नी और उसके साथी ने रची हत्या की साजिश, अमरोनिया जंगल हत्याकांड का खुलासा; तीन आरोपी गिरफ्तार
छतरपुर। सटई थाना पुलिस ने अमरोनिया जंगल में हुई मनीराम रैकवार हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश मृतक की पत्नी शिवानी रैकवार, उसके साथी अखलेश पटेल और सहयोगी भरत यादव ने मिलकर रची थी।
